कर्नाटक चुनाव: नेताओं के भाषण में जनता का जिक्र कम, आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा
कर्नाटक चुनाव: नेताओं के भाषण में जनता का जिक्र कम, आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा
अब्राहम लिंकन ने लोकतंत्र की परिभाषा दी थी। लोकतंत्र जनता का, जनता द्वारा और जनता के लिए होना चाहिए। लेकिन कर्नाटक चुनाव में 'जनता' शब्द ही पार्टियों के चुनाव प्रचार से गायब है। रैलियों में जो बातचीत हो रही है वो आरोप-प्रत्यारोप पर जाकर खत्म हो जाती है। मसलन आज पीएम मोदी की कर्नाटक के कलबुर्गी में रैली थी। उन्होंने 35 मिनट तक भाषण दिया। लेकिन उनके भाषण में जनता कम, कांग्रेस पार्टी का जिक्र ज्यादा था। ऐसा ही हाल राहुल गांधी का भी रहा। जब मोदी भाषण दे रहे थे तो उसके कुछ देर बाद बीदर में राहुल की भी रैली थी। उन्होंने राहुल ने पूरा भाषण नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द ही दिया।
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